सईद नकवी (सुविख्यात पत्रकार सईद नकवी की पुस्तक Being the others ; muslim in India का हिंदी अनुवाद “वतन में पराया : हिंदुस्तान में मुसलमान”…
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“15 अगस्त: जब गांधी के शब्द बदल गए और भारत बंट गया”
सईद नकवी विभाजन के विचार पर जवाहरलाल नेहरू शुरुआती एतराज और विरोध के बाद अंत तक कायल हो गए कि विभाजन के अलावा अन्य विकल्प…
View More “15 अगस्त: जब गांधी के शब्द बदल गए और भारत बंट गया”गूजर ख़ानदान की बहादुर हबीबा, 1857 की जंग-ए-आज़ादी में बनी हिम्मत और कुर्बानी की मिसाल
हबीबा का जन्म 1833 में उत्तर प्रदेश के एक गांव में गूजर ख़ानदान में हुआ था। बचपन से ही उनमें हिम्मत और आत्म-एतबार नज़र आता…
View More गूजर ख़ानदान की बहादुर हबीबा, 1857 की जंग-ए-आज़ादी में बनी हिम्मत और कुर्बानी की मिसालवज़ीर अली ख़ान ऐसे सिपाही जिन्होंने 1857 से 58 साल पहले ही अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ बग़ावत की जंग छेड़ी
वज़ीर अली ख़ान को हिन्दुस्तान में अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ शुरुआती बग़ावत का बहादुर सिपाही माना जाता है। सन 1799 में, 1857 से 58 साल पहले,…
View More वज़ीर अली ख़ान ऐसे सिपाही जिन्होंने 1857 से 58 साल पहले ही अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ बग़ावत की जंग छेड़ी“अशफाक उल्ला खान का अंतिम खत: मजहब से ऊपर वतन की पुकार”
काकोरी क्रांतिकारी एक्शन शताब्दी वर्ष : अमर शहीद अशफाक उल्ला खान का अंतिम पैगाम बिरादरे वतन के नाम बिरादरे वतन की खिदमत में उनके इस…
View More “अशफाक उल्ला खान का अंतिम खत: मजहब से ऊपर वतन की पुकार”अब्दुल क़य्यूम अंसारी का आज़ादी में किरदार
पटना – अब्दुल क़य्यूम अंसारी हिंदुस्तान की आज़ादी की जंग में एक अहम और जज़्बाती सिपाही रहे। कांग्रेस के नौजवान नेता के तौर पर उनकी…
View More अब्दुल क़य्यूम अंसारी का आज़ादी में किरदारबेग़म माजदा बानो: आज़ादी की तहरीक की बेख़ौफ़ आवाज़
हैदराबाद में 1919 में पैदा हुईं बेग़म माजदा बानो ने बचपन से ही इल्म और अदब में गहरी दिलचस्पी ली। शादी के बाद भी उन्होंने…
View More बेग़म माजदा बानो: आज़ादी की तहरीक की बेख़ौफ़ आवाज़मदरसा मंज़र-ए-इस्लाम में यौमे आज़ादी के उपलक्ष्य में आयोजित की गई प्रतियोगिता।
बरेली,देश आज़ादी का जश्न मना रहा है। सभी लोग इस जश्न में बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे है। दरगाह स्थित मदरसा मंज़र-ए-इस्लाम में भी…
View More मदरसा मंज़र-ए-इस्लाम में यौमे आज़ादी के उपलक्ष्य में आयोजित की गई प्रतियोगिता।“मोहम्मद शाह रंगीला: उर्दू अदब का सुनहरा दौर और मुगल सल्तनत का ढलता सूरज”
आज के दिन ही, 7 अगस्त 1702 ई. के दिन गजनी (अफगानिस्तान) में मोहम्मद शाह की पैदाइश हुई थी। मोहम्मद शाह औरंगजेब के परपोते थे,…
View More “मोहम्मद शाह रंगीला: उर्दू अदब का सुनहरा दौर और मुगल सल्तनत का ढलता सूरज”ट्रंप की नीतियों से भारतीय IT और फार्मा सेक्टर को लग सकता है झटका, जानिए कैसे
अगर अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप फिर से राष्ट्रपति बने, तो भारत के IT और फार्मा सेक्टर पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है। ट्रंप पहले…
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